1 June 2026: खबर प्रधान डेस्क:
मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के लोगों को भीषण गर्मी और तपिश से बड़ी राहत मिली है। राज्य में लू का असर खत्म हो गया है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए लू की कोई चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम में यह बड़ा बदलाव शनिवार और रविवार के बीच की रात को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण आया है।
मौसम विभाग का क्या है अनुमान
मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने रविवार को नया पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक आने वाले पांच दिनों यानी सोमवार से लेकर शुक्रवार तक राज्य में 50 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदर हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान कई इलाकों में आंधी तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश में यलो से लेकर रेड अलर्ट तक जारी कर दिया है।
किस जिले में कैसी रहेगी हवा की रफ्तार और क्या है अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अलग अलग हिस्सों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर, खंडवा, भोपाल, उज्जैन, गुना, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, रतलाम और छिंदवाड़ा समेत करीब 40 जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है।
इसके अलावा धार, खरगोन और बुरहानपुर जैसे जिलों में हवा की रफ्तार और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। यहाँ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके कारण यहाँ रेड अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि इन तेज हवाओं के साथ प्रदेश में बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी पूरी आशंका है।
तापमान में आई भारी गिरावट
शनिवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में 35 से 94 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और साथ में अच्छी बारिश भी हुई। इस वजह से पूरे राज्य में तापमान में दो से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार की रात को सीहोर में 94 किलोमीटर प्रति घंटे, भोपाल में 70, आगर में 68, गुना, राजगढ़ और नीमच में 54, धार में 48, इंदौर में 46, खंडवा में 39, उज्जैन में 30 और सागर में 57 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली।
इस तेज हवा और बारिश का असर यह हुआ कि राज्य में केवल राजगढ़ और नरसिंहपुर जिलों को छोड़कर कहीं भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंच सका। राजगढ़ और नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाकी जगहों पर लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।
विभिन्न प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:
भोपाल में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4 डिग्री कम है।
इंदौर में यह 36.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम है।
जबलपुर में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5.4 डिग्री कम है।
ग्वालियर में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.7 डिग्री कम है।
सतना में पारा 38 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.3 डिग्री कम है।
गर्मी से राहत के बीच एक और अच्छी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण पश्चिम मानसून केरल और तमिलनाडु में दस्तक दे सकता है। अनुमान है कि गुरुवार यानी 4 जून तक मानसून केरल पहुंच जाएगा। हालांकि इस साल मानसून केरल में अपने पारंपरिक समय यानी 1 जून को नहीं पहुंच सका, लेकिन यह पहले ही 16 मई को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों में आगे बढ़ चुका था। इसके बाद इसकी गति थोड़ी धीमी हो गई थी, लेकिन अब यह तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम सुहाना होने की उम्मीद है।


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