25 अप्रैल 2026 :
मध्य प्रदेश/भोपाल:
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन यानी सांची की बैठक में दुग्ध उत्पादक किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य राज्य में दुग्ध क्रांति को बढ़ावा देना है और किसानों की आय को बढ़ाना है। जिसमें 2453 दुग्ध सहकारी समितियां को चालू कर लिया गया है । ये समितियां किसानों से दूध खरीदेंगे और यही दूध सांची ब्रांड के नाम से आम उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। जो समितियां चालू हुई है उनमें 1752 नई समितियां हैं जबकि 701 समितियां बंद पड़ी हुई थी।
कल शुक्रवार को दुग्ध महासंघ की बैठक में कहा कि अच्छे परिणाम लाने के लिए और मध्य प्रदेश में दुग्ध संकलन और विपणन को बढ़ाने हेतु योजनाओं पर कार्य किया जाएगा। इस बैठक में बताया गया कि इंदौर में 30 मीट्रिक क्षमता का दुग्ध संयंत्र शुरू कर दिया गया है। शिवपुरी में 20 हजार लीटर क्षमता का और ग्वालियर में अभी इस हेतु काम चल रहा है। जिसमें प्रतिदिन 9.67 हजार किलोग्राम दूध एकत्रित किया जा रहा है इसमें 153 नए बल्क मिल्क कूलर लगा चुके हैं।
इस बैठक में मंत्री विश्वास सारंग, लखन पटेल ,मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इन समितियां को बनाने का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों की सहकारिता प्रणाली को मजबूत करना और किसानों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाना है।


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