3 मई 2026

कांकेर:

छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। माओवादियों द्वारा छुपाकर रखे गए विस्फोटक सामग्री और बारूद के ढेर (डंप) को नष्ट करने के दौरान हुए एक शक्तिशाली विस्फोट में सुरक्षा बल के चार जवानों ने अपनी जान गंवा दी है। यह हादसा उस समय हुआ जब जवान इलाके को सुरक्षित करने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रहे थे।
कैसे हुआ यह हादसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) की एक टीम को सूचना मिली थी कि माओवादियों ने जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक और सामान छुपाया हुआ है। शनिवार (2 मई, 2026) को सुबह करीब 11:30 बजे छोटेबेटिया थाना क्षेत्र के आदनार गांव के पास सर्चिंग के दौरान जवानों को माओवादियों का एक डंप मिला।
वहां से कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद करने के बाद, जब टीम दूसरे डंप से मिले गनपाउडर (पटाखा पाउडर) के बोरों को नष्ट करने की तैयारी कर रही थी, तभी अचानक विस्फोट हो गया। बताया जा रहा है कि यह धमाका गर्मी या किसी रासायनिक प्रतिक्रिया (केमिकल रिएक्शन) की वजह से हुआ, जो इतना भीषण था कि जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद
इस दुखद दुर्घटना में छत्तीसगढ़ पुलिस के डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के चार बहादुर जवानों ने शहादत दी है:
निरीक्षक सुखराम वट्टी (40 वर्ष):बीजापुर के रहने वाले सुखराम वट्टी टीम का नेतृत्व कर रहे थे। वे एक अनुभवी अधिकारी थे जिन्होंने कई सफल ऑपरेशनों में हिस्सा लिया था।
आरक्षक कृष्णा कुमार कोमरा (35 वर्ष): कांकेर जिले के निवासी।
आरक्षक संजय गड़पाले (29 वर्ष):बस्तर फाइटर्स के जवान और कांकेर के निवासी।
आरक्षक परमानंद कोराम (29 वर्ष):विस्फोट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर रायपुर ले जाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरकार इन वीर परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और बस्तर में शांति बहाली के प्रयास जारी रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था और जांच जारी
आईजी बस्तर सुंदरराज पी. ने घटना को एक “दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना” बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और बम निरोधक दस्ता (BDS) मौके पर मौजूद है और विस्तृत जांच की जा रही है ताकि धमाके के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
इस हादसे ने एक बार फिर बस्तर के जंगलों में जवानों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है।