1 मई 2026

जबलपुर:
मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के मशहूर बरगी डैम में गुरुवार की शाम एक बड़ा हादसा हो गया। तेज आंधी और तूफान की चपेट में आने की वजह से पर्यटकों से भरा एक क्रूज पानी में पलट गया। इस हादसे में अब तक 6 पर्यटकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 15 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ यह हादसा
बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम को मौसम खुशनुमा था, जिसे देख बड़ी संख्या में लोग बरगी बांध घूमने पहुंचे थे। 40 से ज्यादा लोग एक क्रूज पर सवार होकर बांध के नजारों का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज हवाओं के साथ तूफान आ गया। लहरों के तेज उछाल और आंधी के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और खमरिया टापू के पास पलट गया।
बचाव कार्य और राहत
जैसे ही क्रूज पलटा, वहां चीख-पुकार मच गई। क्रूज पर सवार 19 लोगों ने हिम्मत दिखाई और तैरकर अपनी जान बचाई। घटना की जानकारी मिलते ही बरगी थाना पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) के साथ-साथ एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
चूंकि हादसा देर शाम हुआ था, इसलिए अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं। बचाव दल के सदस्य टॉर्च की रोशनी में लापता लोगों की तलाश करते रहे। लापता 15 लोगों की तलाश अभी भी जारी है और अंदेशा जताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
प्रशासनिक सक्रियता और सहायता
हादसे की खबर मिलते ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय घटनास्थल पर पहुंच गए। इसके साथ ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी दिल्ली से सीधे जबलपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से तुरंत बरगी बांध के लिए रवाना हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है।
पहले भी हो चुका है यहाँ हादसा
बरगी जलाशय में यह पहला बड़ा हादसा नहीं है। इससे पहले 5 अप्रैल 2009 को एक प्रशिक्षण विमान भी इसी जलाशय में गिरकर डूब गया था। उस हादसे में विमान के पायलट की मौत हो गई थी और विमान को खोजने में करीब एक हफ्ते का समय लगा था। फिलहाल प्रशासन की पूरी प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढने पर है।