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नई दिल्ली 3 जुलाई 2026

पिछले दो दशकों से भारत और जापान के बीच मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री सनाय तकाइचि की अध्यक्षता में आयोजित 16 वें  शिखर सम्मेलन के निर्णय यह सब संकेत देते हैं, कि दोनों देश पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़कर आर्थिक, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी के नए युग में प्रवेश कर चुके हैं l

शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक व्यवस्था में आ रहे बदलावों को देखते हुए दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ करने की इच्छा जताई l पीएम मोदी ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की अहमियत को रेखांकित किया l जबकि जापानी पीएम तकाइचि ने इसे भारत के लिए जापान का अपरिहार्य क्षेत्र करार दिया l बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी करके मुक्त समृद्ध और नियम आधारित हिंद प्रशांत क्षेत्र के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया l

शिखर सम्मेलन में हुए अहम फैसले-

शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए *सेमीकंडक्टर क्वांटम और एडवांस्ड मैटेरियल्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर बनाने के लिए दोनों देश साथ मिलकर काम करेंगे

*AI और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए भारतीय और जापानी साझेदार मिलकर टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में नए समझौते को आगे बढ़ाएंगे *दोनों देश मिलकर नौसेना के लिए रेडियो एंटीना का निर्माण करेंगे जिससे रक्षा उपकरण प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण बेहद आसान हो जाएगा

*ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में क्रूड तेल के आयात संरक्षण और खरीद में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भागीदारी को भी मजबूत किया जाएगा

*इसके अलावा जापान, भारत में 1000 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने में सहायता करेगा l

*शिप बिल्डिंग और एविएशन जैसे आधुनिक क्षेत्र में भारतीय प्रतिभाओं के लिए जापान में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे

अगले 10 वर्षों में भारत के भीतर 10 ट्रिलियन येन के निवेश का लक्ष्य रखा गया है l जिसके तहत जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना करने की योजना है l

बैठक के अलावा दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत गर्म जोशी भी खुलकर सामने आई l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी पीएम तकाइचि को “मेरी छोटी बहन प्रधानमंत्री तकाइचि” कहकर संबोधित किया l इसके जवाब में तकाइचि ने भी मुस्कुराते हुए कहा कि पीएम मोदी में उन्हें अपने बड़े भाई और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की छवि दिखाई देती है l


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