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2 June 2026: खबर प्रधान डेस्क:

मध्य प्रदेश/ भोपाल/ इंटरनेट पर पुराने नोट और सिक्के बेचकर रातों-रात लखपति बनने का सपना देखना भोपाल की एक महिला को बेहद महंगा पड़ गया. ऑनलाइन वीडियो के झांसे में आकर एक गृहणी ने अपने 1.91 लाख रुपये गंवा दिए. यह पूरा मामला भोपाल के गुनगा थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

यूट्यूब या सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुआ खेल:
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गुनगा के कलारा गांव में रहने वाली 36 वर्षीय अंतिम विश्वकर्मा पिछले दिनों अपनी बेटी स्वाति के साथ इंटरनेट मीडिया पर वीडियो देख रही थीं. इसी दौरान उनके सामने एक ऐसा वीडियो आया, जिसमें दावा किया जा रहा था कि पुराने पांच रुपये के ट्रैक्टर वाले नोटों को लाखों रुपये में खरीदा जा रहा है. वीडियो में इस तरह के नोटों की भारी मांग और ऊंची कीमत मिलने की बात कही गई थी.

23 लाख रुपये का झांसा देकर जाल में फंसाया:
वीडियो में दिए गए एक मोबाइल नंबर पर जब महिला ने संपर्क किया, तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद को पुराने नोटों का खरीदार बताया. शातिर ठग ने महिला से नोटों की तस्वीर, उनका आधार कार्ड और एक सेल्फी भेजने को कहा. मां-बेटी ने बिना सोचे-समझे ये सारी निजी जानकारियां व्हाट्सएप पर शेयर कर दीं.
इसके बाद ठगों ने महिला को बड़ा लालच देते हुए बताया कि उनके पुराने नोट की कीमत पूरे 23 लाख रुपये आंकी गई है. महिला को पूरी तरह अपने विश्वास में लेने के लिए उन्होंने सबसे पहले रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग के नाम पर मात्र 620 रुपये जमा करने को कहा, जो महिला ने तुरंत ट्रांसफर कर दिए.

फाइल चार्ज और जीएसटी के नाम पर ऐसे ऐंठे पैसे:
एक बार जब महिला झांसे में आ गई, तो ठगों ने पैसे ऐंठने का सिलसिला शुरू कर दिया. जालसाजों ने मुंबई की एक कथित फर्जी कंपनी के नाम से नकली दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेजे और दावा किया कि उनकी 23 लाख रुपये की भुगतान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
इसके बाद उन्होंने अलग-अलग बहानों से पैसे मांगना शुरू किया:
फाइल चार्ज और डेटा एंट्री फीस के नाम पर पैसे जमा करवाए गए.
सरकारी टैक्स जैसे जीएसटी (GST) और इनकम टैक्स क्लीयरेंस के नाम पर बार-बार रकम की मांग की गई.
23 लाख रुपये मिलने की उम्मीद में महिला ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1.91 लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में भेज दिए.

ऐसे खुला ठगी का राज:
इतने पैसे ऐंठने के बाद भी जब ठगों का पेट नहीं भरा और वे लगातार और पैसों की मांग करते रहे, तब जाकर महिला को माजरा समझ आया. जब उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ी ठगी हो चुकी है, तो उन्होंने तुरंत गुनगा पुलिस थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई.
शुरुआती पुलिस जांच में यह साफ हुआ है कि शातिर आरोपियों ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए कई अलग-अलग फर्जी मोबाइल नंबरों और यूपीआई (UPI) खातों का जाल बिछा रखा था. पुलिस अब उन खातों और नंबरों को ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.


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