1 मई 2026
नई दिल्ली:
देश में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मेडिकल कॉलेजों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस नए फैसले के बाद अब देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) की सीटें बढ़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
नियमों में क्या हुआ बदलाव?
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC), नई दिल्ली ने ‘ग्रैजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन-2023’ में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है। इस बदलाव की सबसे बड़ी बात यह है कि मेडिकल कॉलेजों पर सीटों को लेकर जो पुरानी पाबंदियां थीं, उन्हें अब काफी हद तक हटा दिया गया है।
पहले के नियमों के मुताबिक, किसी भी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की एक अधिकतम सीमा तय थी। कोई भी कॉलेज 150 सीटों से ज्यादा के लिए आवेदन नहीं कर सकता था, भले ही उस कॉलेज के पास शानदार बिल्डिंग, पर्याप्त स्टाफ और बेहतरीन अस्पताल की सुविधा क्यों न हो। लेकिन अब सरकार ने इस 150 सीटों वाली सीमा (कैपिंग) को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
कॉलेजों को कैसे होगा फायदा?
नियमों में इस ढील से न केवल पुराने मेडिकल कॉलेजों का विस्तार करना आसान होगा, बल्कि नई संस्थाएं खोलने में भी काफी सुविधा मिलेगी।
जिन कॉलेजों के पास अच्छा बुनियादी ढांचा (Infrastructure) है, वे अब ज्यादा सीटों के साथ छात्रों को प्रवेश दे पाएंगे।
नई अधिसूचना जारी होने के बाद अब मेडिकल कॉलेजों के लिए विस्तार की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी।
अब कॉलेज अपनी क्षमता के अनुसार सीटों की संख्या बढ़ा सकेंगे, जिससे देश को आने वाले समय में ज्यादा डॉक्टर मिल सकेंगे।
सरकार के इस कदम को मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इससे उन छात्रों को सीधा फायदा होगा जो सीटों की कमी के कारण दाखिला लेने से चूक जाते थे। अब अधिक सीटों के उपलब्ध होने से प्रतियोगिता के साथ-साथ अवसर भी बढ़ेंगे।


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