विकास की राह में भारत की अंतरिक्ष छलांग: अंतरिक्ष में भी भारत का स्पेस स्टेशन:


भारत विकास की राह में बड़ी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। अब अंतरिक्ष में भी अपना स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी कर रहा है। अब ISRO ने इस पर काम करना भी शुरू कर दिया है।

.खबर है कि स्पेस स्टेशन का पहला मॉड्यूल वर्ष 2028 में लॉन्च किया जायेगाऔर इसके साथ ही भारत अब बहुत जल्द स्पेस स्टेशन वाले देशों के एलीट क्लब में शामिल हो जायेगा।


गगनयान –भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन:
स्पेस स्टेशन लो अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा, जहां भारतीय अंतरिक्ष यात्री और वैज्ञानिक लंबे समय तक रहकर शोध कर सकेंगे। ISRO के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र ने देश की एयरोस्पेस कंपनियों से संपर्क किया है।  अगर ये कामयाबी मिलती है तो इसके साथ ही भारत का अंतरिक्ष में स्थायी प्रयोगशाला स्थापित करने का सपना पूरा हो सकता है।  इसके जरिए भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं और नई तकनीकों के विकास में भी मदद मिलेगी।

आपको बता दें कि ‘गगनयान’ भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन होगा, जिसे 2027 तक लॉन्च करने की तैयारी है।
ISRO की योजना के अनुसार, स्पेस स्टेशन को एक साथ नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से तैयार किया जाएगा।
पहले मॉड्यूल के बाद कई अन्य मॉड्यूल अलग-अलग लॉन्च किए जाएंगे और अंतरिक्ष में ही जोड़े जाएंगे।  अनुमान है कि वर्ष 2035 तक भारत स्पेस स्टेशन पूरी तरह कार्यशील हो जाएगा सबसे बड़ी बात इसमें किसी भी विदेशी एजेंसी की भागीदारी नहीं होगी। ISRO ने भारतीय कंपनियों से एक से अधिक कोर मॉड्यूल बनाने की संभावना पर भी काम शुरू किया है, ताकि मिशन लंबे समय तक सुचारु रूप से चल सके।
स्पेस स्टेशन वाली सूची में अभी अमेरिका, रूस, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी, जापान, कनाडा और चीन जैसे देश शामिल हैं। यह उपलब्धि भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान और ऑर्बिटल रिसर्च क्षमता को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगी…

तो ये बदलते भारत की तस्वीर है जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है…