2 June 2026: खबर प्रधान डेस्क:
मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ले ली है। मानसून और स्थानीय मौसमी सिस्टम की सक्रियता के कारण नौतपा के आठवें दिन मौसम का मिजाज अचानक ठंडा हो गया। प्रदेश के मालवा-निमाड़, बैतुल, हरदा, नर्मदापुरम और गुना जैसे जिलों में प्री-मानसून की तेज बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में ओलावृष्टि, हल्की बूंदाबांदी और तेज अंधड़ का असर भी देखा गया, जिससे लोगों को चुभती गर्मी से काफी राहत मिली है।
विशेष रूप से बैतूल में आंधी के साथ ओले भी गिरे हैं और यहाँ सबसे ज्यादा 19 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा सतना में सबसे अधिक 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में प्रदेश के देवास, आगर मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, श्योपुर, मुरैना और शिवपुरी जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल में भी 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
अगले 72 घंटों के लिए बनी अनुकूल परिस्थितियां, आज से शुरू होगी बारिश:
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मध्य प्रदेश में अगले 72 घंटों के लिए अनुकूल मौसमी दशाएं बन रही हैं, जिससे तेज हवा, ओलावृष्टि और संग बारिश के आसार बने रहेंगे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। सीहोर में 94 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवा चली। ग्वालियर, चंबल, रीवा और शहडोल संभागों में भी 40 से 63 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की बात कही गई है, जबकि भोपाल क्षेत्र में हवा की गति सामान्य बनी रहेगी।
प्रमुख शहरों का तापमान:
इस मौसमी बदलाव के चलते प्रदेश के बड़े शहरों के तापमान में गिरावट देखी गई है, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया:
भोपाल: अधिकतम 37.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.1 डिग्री सेल्सियस
इंदौर: अधिकतम 38.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.4 डिग्री सेल्सियस
ग्वालियर: अधिकतम 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.7 डिग्री सेल्सियस
जबलपुर: अधिकतम 38.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.2 डिग्री सेल्सियस
केरल के मुहाने पर पहुंचा मानसून:
मौसम का मिजाज भले ही ठंडा हो, लेकिन मानसून के आने का इंतजार थोड़ा बढ़ गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्तमान में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के समुद्री क्षेत्र में फंसा हुआ था। मौसम विज्ञानियों और आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल के मुहाने पर दस्तक दे चुका है और इसके तहत अलप्पुझा, कोट्टायम सहित सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। वर्तमान परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के अनुकूल हैं।
हालांकि, देश के अन्य हिस्सों में मानसून की चाल थोड़ी सुस्त है, जिसके चलते केरल की मुख्य धरती तक पूरी तरह सक्रिय होने में इसे दो से तीन दिन का समय और लग सकता है। इस धीमी रफ्तार का असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून अपनी पूर्व निर्धारित तारीख यानी 15 जून से करीब पांच से सात दिन की देरी से पहुंचेगा। अब मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना जताई जा रही है।


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