18 अप्रैल 2026:
मध्य प्रदेश:
गर्मी बढ़ने के साथ-साथ अस्पतालों में कई मरीज उल्टी दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जहां जेपी अस्पताल में 1500 की ओपीडी में करीब 150 और हमीदिया में 2200 की ओपीडी में 200 से अधिक मरीज इस तरह की समस्या लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
पिछले चार दिनों से तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। कल शुक्रवार को 41.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाता है तो शरीर में पानी की कमी , इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी तेजी से होने लगती है । जिससे शरीर में पानी का असंतुलन हो जाता है और उल्टी दस्त, चक्कर और कमजोरी जैसी शिकायत होने लगती हैं।
तापमान बढ़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी किया है। जिसमें जिला अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र तक हीट स्ट्रोक के इलाज की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या को देखते हुए ORS ग्लूकोज रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हीट स्ट्रोक से कैसे बचाव करें :
लंबे समय तक धूप में ना रहे । सिर और शरीर को ढककर बाहर निकले । पर्याप्त पानी पिए । यदि पसीना अधिक आ रहा है तो ओआरएस का घोल पिएं । ग्लूकोज का पानी पिएं । तरल पदार्थ अधिक लें । लस्सी और फलों का रस लें। यदि चक्कर घबराहट महसूस हो तो किसी छांव जैसी जगह में आराम करें। तेज धूप से बचें और डॉक्टर से संपर्क करें
यदि शरीर में पानी की अधिक कमी हो जाती है तो यह बहुत ही गंभीर स्थिति मानी जाती है । ऐसे गंभीर मामलों में मरीजों को झटके आ सकते हैं । यहां तक की मुंह में झाग भी आ सकता है। बुजुर्गों में घबराहट, मतली ,अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने लगते है। हीट स्ट्रोक के चपेट में आ जाएं तो शरीर का तापमान 104 डिग्री से अधिक हो जाता है और यदि समय पर इलाज ना मिले तो किडनी फेल जैसी होने की नौबत आ सकती है
बच्चों को तेज गर्मी और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए क्या करें:
बच्चों को तेज धूप के समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक घर के अंदर रखें बाहर खेलने या बाहर जाने से बचें । हल्के रंग के ढीले ढाले और सूती कपड़े पहनाएं । यदि बाहर जाना हो तो भी सनस्क्रीन और चश्मा जरूर लगाएं । बच्चों को हल्का भोजन दें जो पचने में आसानी हो । मौसमी फल ,तरबूज, खरबूजा ,खीरा अधिक खिलाएं।
बच्चों को कभी भी बंद गाड़ी में या खड़ी हुई कार में अकेला ना छोड़े । क्योंकि वाहन में तापमान बहुत तेजी से बढ़ सकता है और बच्चे खतरे की चपेट में आ सकते हैं।
गर्मी में घर में गहरे रंग के परदे लगायें। और दिन के समय परदों को बंद रखें जिससे धूप अंदर न आए पंखे ,कूलर ,एसी का उपयोग करें।
यदि बच्चा तेज गर्मी की चपेट में आ जाए या बच्चे को लू लग जाए तो उसे छांव में रखें । ठंडे पानी की पट्टियां रखें। यदि बच्चे को चक्कर आए ,तेज बुखार हो, त्वचा सूखी और गर्म हो तो डॉक्टर को अवश्य दिखाएं।


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