26 मई 2026
नई दिल्ली:
पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान एक बेहद गंभीर और तल्ख टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने इस धारणा पर अपनी गहरी निराशा जताई कि न्यायपालिका इस मामले के आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि यह सुनकर बेहद दुख हुआ कि न्यायपालिका आरोपियों का बचाव कर रही है। इसके साथ ही कोर्ट ने आम जनता से यह खास अपील की है कि वे इस मामले में किसी भी तरह की बयानबाजी या अटकलों से बचें और देश की सबसे प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई पर पूरा भरोसा रखें। कोर्ट को पूरा विश्वास है कि सही समय आने पर सीबीआई इस जांच को उसके अंजाम तक जरूर पहुंचाएगी।
सीबीआई ने दर्ज किया केस, पांच सदस्यों की टीम भोपाल पहुंची
इस बीच इस मामले में एक बड़ा अपडेट यह आया है कि दिल्ली सीबीआई मुख्यालय ने सोमवार रात को इस केस में एफआईआर दर्ज कर ली है। सीबीआई ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह (जो कि पूर्व जिला जज हैं) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85, 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम 1961 की धारा तीन और चार के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं दहेज मृत्यु और किसी महिला के साथ उसके पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता करने से जुड़ी हैं। जांच को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली से सीबीआई की पांच सदस्यों की एक विशेष टीम सोमवार शाम को ही भोपाल पहुंच चुकी है। यह टीम मंगलवार को घटना स्थल का दौरा करेगी और पूरे मामले का रिक्रिएशन भी कर सकती है।
मीडिया और पीड़ित परिवार से कोर्ट का अनुरोध
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने मीडिया से भी विशेष अनुरोध किया है कि वे इस मामले के गवाहों या संभावित आरोपियों के बयानों को रिकॉर्ड करके उनका प्रसारण न करें, क्योंकि ऐसा करने से पूरी जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अदालत ने पीड़ित परिवार से भी कहा है कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया के सामने बयान देने के बजाय सीधे जांच एजेंसी के समक्ष ही अपना पक्ष दर्ज कराएं।
सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को दी जानकारी
सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि त्विषा की सास ने टेलीविजन चैनलों पर आना शुरू कर दिया था और वे इस मामले को बदनाम करने वाले बयान दे रही थीं, जिसके बाद मीडिया में इस मामले की चर्चा बहुत ज्यादा बढ़ गई। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर एम्स के डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने त्विषा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया है। दूसरी तरफ, आरोपियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने मीडिया कवरेज पर चिंता जताते हुए कहा कि पुलिस को दिया गया बयान पहले ही अखबारों में प्रकाशित हो चुका है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हम उस कहानी के खिलाफ हैं जो खुद से गढ़ी जा रही है, इसीलिए यह मामला अब सीबीआई को अपने हाथ में ले लेना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि 12 मई को पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। इस घटना के बाद त्विषा के माता-पिता ने उसके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वे त्विषा को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे और उन्होंने ही उसे आत्महत्या के लिए उकसाया है। हालांकि, त्विषा के ससुराल वालों का दावा है कि उसे नशे की लत थी। इस मामले में पुलिस ने त्विषा के वकील पति समर्थ सिंह और उनकी सास व पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की एफआईआर दर्ज की है।
मौत से बेहतर है कि बेटियां तलाक ले लें
इस पूरे मामले पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में एक बेहद भावुक और जरूरी बात कही। उन्होंने कहा कि यह दुखद मामला देश के सभी माता-पिता के लिए एक बड़ा संदेश है। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का सामना करने और अपनी बेटी को खोने से कहीं बेहतर यह है कि बेटी अपने पति से तलाक ले ले और सुरक्षित रहे।


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