नई दिल्ली /वाशिंगटन/ तेहरान
20 जुलाई 2026: सोमवार:
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब दूसरे हफ्ते में बेहद गंभीर मोड पर पहुंच गया है l जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत और एक सैनिक के गायब होने के बाद अमेरिका ने ईरान पर अभी तक का सबसे भीषण प्रहार किया है l अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर टॉमहैक क्रूज मिसाइल और लड़ाकू विमान से बड़े पैमाने पर बमबारी की है l अमेरिकी सेंटकाम और रक्षा मंत्री पीट हेग सेथ के अनुसार इन हमलों में ईरान के निर्माणाधीन परमाणु प्रतिष्ठानों और डिफेंस सिस्टम, तटीय क्षेत्रों और आईजीसी के सैनिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है l
28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में अब तक 16 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं जबकि 430 सैनिक घायल हुए हैं l
प्लैनेट लैब पीवीसी के उपग्रह चित्रों से खुलासा हुआ है कि ईरान के दर्खोविन स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर जमीन साफ करने का काम बहुत कम हुआ था लेकिन वहां रेडियोलॉजिकल सामग्री होने की पुष्टि के बाद अमेरिका ने उसे निशाना बनाया l अमेरिका के इस रुख के जवाब में ईरान ने कुवैत के अलसलेम अमेरिकी एयर बेस पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए l जिन्हें कुवैत ने मार गिराने का दावा किया हैl इसके अलावा बहरीन में भी ईरानी हमलो को विफल किया गया l
आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी नौसेना के भरोसे असुरक्षित जल मार्ग से निकल रहे चार व्यावसायिक जहाज में से दो को चेतावनी देकर वापस लौटने पर मजबूर कर दिया l इस हडबडी में दो जहाज आपस में टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए l
सऊदी अरब के समाचार पत्र अल हदत ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली Khamenei के नवनिर्वाचित प्रमुख मौजतबा Khamenei ईरान में मौजूद नहीं है l बल्कि वह देश के भीतर छिपे हुए हैं या सुरक्षित स्थान में है l
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा युद्ध विराम से पीछे हटने पर उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकता है l


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