29 अप्रैल 2026
देवास:
मध्यप्रदेश के देवास जिले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा टल गया। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से गुजरात के सूरत जा रही एक निजी बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे, जिन्होंने चलती बस की खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।
डीजल लीकेज बना हादसे का कारण
हादसा भोपाल-इंदौर हाईवे पर नेवरी फाटा के पास हुआ। बताया जा रहा है कि बस सोमवार रात प्रतापगढ़ से रवाना हुई थी। यात्रियों के मुताबिक, कुछ देर पहले ही बस में डीजल डलवाया गया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि डीजल टैंक में लीकेज की वजह से पीछे के टायर के पास से आग शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जलने लगी।
चीख-पुकार के बीच खिड़कियों से कूदे लोग
जैसे ही यात्रियों को बस के पिछले हिस्से से धुआं और आग की लपटें उठती दिखीं, बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई। बस रुकते ही यात्री अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने लगे। गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन बस में रखा उनका कीमती सामान और कपड़े पूरी तरह जलकर राख हो गए।
सोनकच्छ और टोंकखुर्द से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान हाईवे पर यातायात को डायवर्ट करना पड़ा। प्रशासन ने यात्रियों को दूसरी बसों के जरिए उनके गंतव्य की ओर रवाना किया।
जंगल के बीच चलती कार में लगी आग
देवास जिले में ही एक और घटना सोमवार देर रात हुई। कुसमानिया-विक्रमपुर मार्ग पर नांदोन गांव के जंगल में एक चलती कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। कार में तीन युवक सवार थे।
जैसे ही कार के बोनट से लपटें उठनी शुरू हुईं, चालक ने समझदारी दिखाते हुए कार रोकी और तीनों युवक समय रहते बाहर निकल आए। कुछ ही मिनटों में कार पूरी तरह जल गई। राहगीरों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। कार भिलाई निवासी गणेश नामक युवक की बताई जा रही है।
जरूरी जानकारी और सतर्कता
गर्मी के मौसम में गाड़ियों में शॉर्ट सर्किट या फ्यूल लीकेज की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा पर निकलने से पहले गाड़ी की सर्विसिंग और फ्यूल पाइप की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए।


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