16 मई 2026
भोपाल:
भोजशाला मामले में आए फैसले और सोशल मीडिया पर विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए भोपाल पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर रही। राजधानी के पुराने शहर में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ पूरी सुरक्षा और शांति के साथ संपन्न हुई। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए करीब एक हज़ार जवानों को तैनात किया था, जिन्होंने शहर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में मोर्चा संभाला। इसके अलावा ड्रोन कैमरों की मदद से भी आसमान से हर गतिविधि पर नज़र रखी गई।
चप्पे-चप्पे पर था कड़ा पहरा
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए शहर में करीब 100 से ज़्यादा पुलिस पॉइंट बनाए गए थे। पुराने शहर के इकबाल मैदान, रॉयल मार्केट, भवानी चौक और पीर गेट जैसे इलाकों में विशेष रूप से पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण वाहन और मोबाइल यूनिट्स को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया था।
ताजुल मस्जिद के पास सुरक्षा के सबसे कड़े इंतजाम देखे गए। नमाज़ के दौरान मस्जिद परिसर के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। एहतियात के तौर पर पुलिस ने रॉयल मार्केट और आने-जाने वाले कुछ रास्तों को बंद कर दिया था और ट्रैफ़िक को शाहजहाँनाबाद की ओर डाइवर्ट किया गया।
ड्रोन कैमरों से रखी गई पैनी नज़र
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए केवल ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान से भी निगरानी की गई। पुलिस ने ताजुल मस्जिद और इकबाल मैदान के आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया ताकि हर हरकत पर नज़र रखी जा सके। पुलिस कमिश्नर कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार मैदानी स्थिति का जायजा लेते रहे। कोहेफ़िज़ा, लालघाटी, शाहजहाँनाबाद और भवानी चौक जैसे प्रमुख चौराहों पर भी जवान मुस्तैद दिखे।
सोशल मीडिया पर भी रही निगरानी
हाल ही में भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में एक मुस्लिम युवक की पिटाई और कथित लव जिहाद के आरोपों के बाद उपजे तनाव को देखते हुए पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती थी। इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय में काफी नाराजगी देखी गई थी और पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी हुआ था।
सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट न फैले, इसके लिए पुलिस की साइबर सेल लगातार मॉनिटरिंग कर रही थी। इंटरनेट पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को पहले ही सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे दी गई थी।
धर्मगुरुओं की अपील का दिखा असर
प्रशासन ने नमाज़ से पहले ही शहर के धार्मिक नेताओं और गणमान्य नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। इस अपील का सकारात्मक असर देखने को मिला। स्थानीय नेताओं और धर्मगुरुओं के सहयोग से पूरा घटनाक्रम शांतिपूर्ण रहा और शहर में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या विरोध-प्रदर्शन की खबर नहीं आई।
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शहर का माहौल पूरी तरह सामान्य है और पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है ताकि नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।


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