9 June 2026
भोपाल का जाना-माना फाइव स्टार होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाली वजह से चर्चा में है। जिस होटल की चमक-दमक देखकर लोग वहाँ हजारों रुपये खर्च करते हैं और बेहतरीन, साफ-सुथरे खाने की उम्मीद लेकर जाते हैं, उसकी रसोई से एक ऐसी हकीकत सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। होटल के किचन में साफ-सफाई की धज्जियां उड़ती मिली हैं और वहाँ चूहों का राज देखने को मिला है।
औचक छापे में खुली पोल
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग की एक संयुक्त टीम ने अचानक इस होटल में छापा मारा। जब अधिकारियों की टीम होटल के किचन और स्टोर रूम के अंदर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। किचन और स्टोर रूम में चूहे खुलेआम दौड़ते हुए पाए गए। इसके अलावा चारों तरफ भारी गंदगी पसरी हुई थी। खाद्य सुरक्षा के तय नियमों की इस कदर अनदेखी देखकर टीम ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया।
लाइसेंस सस्पेंड और काम पर रोक
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी ने होटल की खाद्य व्यवसाय से जुड़ी तमाम गतिविधियों पर तुरंत रोक लगा दी है। इसके साथ ही होटल का सेंट्रल फूड लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि उन्हें डीबी सिटी परिसर में मौजूद इस होटल के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी शिकायत के आधार पर जब टीम ने जांच की, तो शिकायतें बिल्कुल सच साबित हुईं। न सिर्फ किचन में चूहे मिले, बल्कि होटल के स्टोर में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को बिना किसी अलगाव के, एक साथ बेहद असुरक्षित तरीके से रखा गया था।
विवादों से है पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब कोर्टयार्ड बाय मैरियट किसी विवाद में आया हो। इस होटल का विवादों से पुराना इतिहास रहा है। इसी साल जनवरी 2026 में उपभोक्ता आयोग ने होटल पर 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। मामला यह था कि कटारा हिल्स के रहने वाले एक ग्राहक सिमान्त दुबे को होटल ने शाकाहारी वेज बिरयानी की जगह मांसाहारी बिरयानी परोस दी थी। इस घटना से भी होटल प्रबंधन ने कोई सबक नहीं सीखा और अब दोबारा इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है।
विभाग की सख्त चेतावनी: सेहत से समझौता नहीं
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनकी सेहत के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी संस्थान कितना ही बड़ा क्यों न हो, अगर वह खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत इसी तरह की सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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