5 June 2026: खबर प्रधान डेस्क:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया कि लोगों की मुश्किलें बेहद बढ़ गईं. भीषण गर्मी और उमस से परेशान भोपालवासियों को गुरुवार की शाम राहत तो लेकर आई, लेकिन यह राहत कुछ ही देर में बड़ी आफत में बदल गई. शहर में करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई. इस तूफानी मौसम के कारण शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और कई इलाकों में करीब 6 घंटे से भी अधिक समय तक ब्लैकआउट छा गया.
सड़कों पर आया पानी का सैलाब, गिरे सैकड़ों पेड़:
इस मूसलाधार बारिश का सबसे बुरा असर शहर के यातायात पर पड़ा. सड़कों पर पानी का ऐसा सैलाब उमड़ा कि गाड़ियां पानी में तैरती और डूबती नजर आईं. आंधी इतनी जोरदार थी कि शहर में लगभग 200 अलग-अलग स्थानों पर सैकड़ों पेड़ और उनकी टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं. मुख्य रास्तों पर पेड़ गिरने की वजह से जगह-जगह सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए और वाहन चालक घंटों तक रास्तों में फंसे परेशान होते रहे.
बिजली का बुनियादी ढांचा ध्वस्त, 300 फीडर हुए प्रभावित:
विद्युत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, महज दो घंटे की इस आंधी और बारिश ने बिजली सप्लाई नेटवर्क को तहस-नहस कर दिया. शहर के लगभग सभी फीडर पूरी तरह या आंशिक रूप से प्रभावित हुए, जिनमें से बिजली विभाग के करीब 300 फीडर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. मौसम के इस उग्र रूप से बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और ओवरहेड लाइनें टूट गईं, जिससे बिजली का ढांचा गंभीर रूप से प्रभावित हुआ.
युद्ध स्तर पर शुरू हुआ सुधार कार्य
जैसे ही बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हुई, बिजली कंपनी हरकत में आ गई. प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल करने के लिए जीएम (GM), एजीएम (AGM) और इंजीनियर्स समेत मैदानी कर्मचारियों की एक दर्जन से अधिक टीमें तुरंत तैनात की गईं. इन टीमों ने देर रात तक शहर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचकर क्षतिग्रस्त फीडरों को सुधारने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद पुराने और नए शहर की लगभग 200 से अधिक कॉलोनियों में रात 12 बजे तक बिजली की सप्लाई वापस चालू कराई जा सकी.
75 प्रतिशत फीडरों की सप्लाई हुई बहाल, कुछ क्षेत्रों में परेशानी बरकरार
बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मध्य रात्रि तक कड़ी मेहनत की और करीब 75 प्रतिशत फीडरों की बिजली सप्लाई को दोबारा शुरू कर दिया. दूसरी तरफ नगर निगम का अमला भी रात भर सड़कों से गिरे हुए पेड़ों को हटाने के काम में जुटा रहा.
राहत की बात यह रही कि चार इमली, 74 बंगले, शाहपुरा और अरेरा कॉलोनी जैसे प्रमुख वीआईपी इलाके इस अप्रत्याशित तूफान से काफी हद तक सुरक्षित रहे, लेकिन फिर भी शहर के कई अन्य हिस्सों में रात भर बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या लगातार बनी रही. शहर के बाकी बचे 40 प्रतिशत से अधिक प्रभावित इलाकों में आधी रात के बाद ही बिजली पूरी तरह सामान्य हो सकी.
अधिकारियों ने नागरिकों से की धैर्य रखने की अपील:
बिजली वितरण कंपनी के एमडी ऋषि गर्ग ने बताया कि कंपनी ने युद्ध स्तर पर मरम्मत और बहाली का काम चलाकर बिजली आपूर्ति को सामान्य करने की हरसंभव कोशिश की है. उन्होंने बताया कि वे स्वयं आधी रात तक कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरी स्थिति की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे थे. बिजली कंपनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को स्थिति से अवगत कराया और सभी नागरिकों से ऐसे खराब मौसम में धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है.


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