2 June 2026: खबर प्रधान डेस्क:
मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार राज्य में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एलान किया है कि मध्य प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। इस कानून को लागू करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बाकायदा एक विशेष समिति का गठन भी कर दिया है, जो अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों से मिलकर उनके विचार और सुझाव ले रही है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि वर्तमान समय में समाज के भीतर समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए समान नागरिक संहिता की बहुत आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल विवाह, तलाक और पारिवारिक संपत्ति जैसे मामलों से जुड़े कई तरह के प्रकरण अलग-अलग धार्मिक और पारंपरिक व्यवस्थाओं के आधार पर सामने आते हैं। यूसीसी आने के बाद इन सब में एकरूपता आ सकेगी।
महिलाओं को मिलेंगे समान अधिकार, तलाक रोकने में मिलेगी मदद:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि इस कानून के लागू होने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। यूसीसी आने से विवाह विच्छेद यानी तलाक जैसे संवेदनशील मामलों में महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित किए जा सकेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य सभी धर्मों और समुदायों के लोगों की राय लेकर और उनके हितों को ध्यान में रखकर ही इस दिशा में आगे बढ़ना है।
समिति में शामिल हैं कानून के बड़े विशेषज्ञ:
यूसीसी का अध्ययन करने और आम जनता के सुझावों को परखने के लिए जो समिति बनाई गई है, उसमें उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ-साथ कई कानूनविद् और विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। यह समिति समाज के विभिन्न वर्गों से लगातार संवाद स्थापित कर रही है और उनके सुझावों को एकत्रित करने का काम कर रही है। इस समिति द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार इस मामले में अपना अंतिम निर्णय लेगी।
सरकार ने शुरू की वेबसाइट, जनता से की सुझाव देने की अपील:
इस कानून को सर्वसम्मत और बेहतर बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों की भागीदारी भी तय की है। सरकार की तरफ से एक आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई है, जहाँ कोई भी नागरिक जाकर इस विषय पर अपने विचार और सुझाव सीधे दर्ज करा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से विशेष अपील की है कि वे सरकार द्वारा शुरू की गई इस वेबसाइट के माध्यम से अपने जरूरी सुझाव अवश्य साझा करें, क्योंकि राज्य सरकार पूरी तरह से जनहित और जनकल्याण के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।


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