1 मई 2026:
खबर प्रधान डेस्क :
मुंबई /महाराष्ट्र:

मुंबई महाराष्ट्र दिवस के मौके पर राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी ऑटो, टैक्सी और ओला-उबर चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच होने वाले भाषा विवाद को खत्म करना और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मराठी नहीं जानने पर किसी का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा। बल्कि इसके बजाय चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह ट्रेनिंग कोंकण मराठी साहित्य परिषद के सहयोग से कराई जाएगी। ट्रेनिंग पूरी करने पर एक प्रमाण पत्र मिलेगा जो भविष्य में लाइसेंस नवीनीकरण के लिए जरूरी होगा। राज्य के सभी 59 आरटीओ कार्यालयों में 15 अगस्त तक 100 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। महाराष्ट्र में अब मराठी अनिवार्य करने हेतु यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है।