25 अप्रैल 2026

इस्लामाबाद:
दुनिया भर में जारी तनाव के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अचानक पाकिस्तान के दौरे पर पहुंच गए हैं, जहाँ उनके और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत होने की संभावना है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार से अपनी तीन देशों की अहम यात्रा शुरू कर रहे हैं। इस यात्रा का पहला पड़ाव पाकिस्तान है, जिसके बाद वे ओमान और रूस भी जाएंगे। इस्लामाबाद में अराघची एक छोटे प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे हैं। यहाँ वे पहले से मौजूद अमेरिकी तकनीकी टीम के साथ बैठक कर सकते हैं ताकि शांति वार्ता की रूपरेखा तैयार की जा सके। शनिवार को एक उच्चस्तरीय अमेरिकी दल भी इस्लामाबाद पहुंचेगा, जिसमें पश्चिम एशिया के विशेष दूत स्टीव विटकाफ और सलाहकार जेरेड कुशनर शामिल होंगे।

ट्रंप के पास समय की कमी, संसद की मंजूरी जरूरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह समय काफी नाजुक है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के पास ईरान के खिलाफ युद्ध को जारी रखने के लिए केवल 6 दिन बचे हैं। अमेरिकी संविधान के नियमों के अनुसार, किसी भी युद्ध को 60 दिनों से ज्यादा खींचने के लिए संसद (कांग्रेस) की मंजूरी लेनी पड़ती है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस विवाद की 60 दिनों की अवधि 1 मई को खत्म हो रही है। फिलहाल सीनेट में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सांसद हैं, जबकि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 47 सदस्य हैं, जिससे मंजूरी मिलने में पेंच फंस सकता है।

ईरान की सख्त चेतावनी: 48 घंटे का अल्टीमेटम
एक तरफ बातचीत की कोशिशें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ ईरान ने कड़ा रुख भी अपनाया है। अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 48 घंटों के भीतर कोई ठोस शांति प्रस्ताव सामने नहीं आता है, तो मौजूदा युद्धविराम खत्म हो सकता है। ईरान की मुख्य मांग है कि उसकी फ्रीज की गई लगभग 11 खरब डॉलर की संपत्ति को बहाल किया जाए।
अराघची ने साफ कहा है कि जब तक यह पैसा वापस नहीं मिलता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के रास्ते पर पाबंदी जारी रहेगी। आपको बता दें कि ईरान के तेल और गैस निर्यात के बदले मिलने वाली 50 से 100 अरब डॉलर की रकम विभिन्न देशों के बैंकों में जब्त पड़ी है।

क्या कहते हैं अमेरिकी रक्षा मंत्री?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि ईरान के पास समझौते का एक अच्छा मौका है, लेकिन इसके लिए उसे अपने परमाणु कार्यक्रम पर ठोस कदम उठाने होंगे। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप प्रशासन किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी में नहीं है, लेकिन 1 मई की समयसीमा उन पर सैन्य कार्रवाई के लिए संसदीय दबाव बना रही है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं।