16 अप्रैल 2026

नोएडा:
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में सोमवार को हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच में सामने आया है कि इस पूरी हिंसा के पीछे ‘बिगुल दस्ता’ नाम के एक संगठन का हाथ था। पुलिस ने इस संगठन के मुख्य सदस्य और हिंसा के मास्टरमाइंड रूपेश राय सहित कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

साजिश के लिए बनाए गए थे 17 व्हाट्सएप ग्रुप
पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि हिंसा फैलाने के लिए बाकायदा योजना बनाई गई थी। आरोपियों ने 17 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे, जिनमें करीब 1500 से ज्यादा श्रमिकों को जोड़ा गया था। इन ग्रुप्स के जरिए श्रमिकों को उनकी मांगों या समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय सीधे हिंसा के लिए भड़काया गया और उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए उकसाया गया।

कैसे रची गई हिंसा की कहानी?
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि ‘बिगुल दस्ता’ संगठन के सदस्यों ने सोची-समझी रणनीति के तहत अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों के मजदूरों को गुमराह किया। 12 से 14 अप्रैल के बीच बने इन व्हाट्सएप ग्रुप्स में ऐसे संदेश भेजे गए जिससे माहौल बिगड़ सके। मास्टरमाइंड रूपेश राय इस पूरी गतिविधि का केंद्र था, जो लखनऊ के एक संगठन से जुड़ा बताया जा रहा है।

200 से ज्यादा अन्य लोग रडार पर
पुलिस अब तक 18 लोगों को जेल भेज चुकी है, लेकिन कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर 200 से ज्यादा अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस इन सभी के मोबाइल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है ताकि हिंसा में शामिल हर व्यक्ति तक पहुँचा जा सके।

औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी
सोमवार के उपद्रव के बाद अब बुधवार को स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 70 प्रतिशत इकाइयां फिर से खुल गई हैं और मजदूर काम पर लौट आए हैं। हालांकि, प्रशासन अभी भी पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

कलेक्टर कार्यालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि मजदूरों के हितों से खिलवाड़ करने वाले संगठनों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आउटसोर्सिंग या संविदा पर काम करने वाले श्रमिकों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा करें, ताकि बिचौलिए उन्हें गुमराह न कर सकें। कुछ एजेंसियों को लापरवाही बरतने पर नोटिस भी जारी किया गया है।