2 मई 2026

भोपाल:
मई का महीना शुरू होते ही जो लोग भीषण लू और चिलचिलाती धूप से डर रहे थे, उनके लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल मई के महीने में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कहीं अधिक बारिश होने की संभावना है। यानी इस बार नौतपा और भीषण गर्मी के बीच बादलों की लुकाछिपी और बौछारें राहत बनकर आएंगी।
क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर से आ रही नमी और लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा ‘अलनीनो’ के प्रभाव की वजह से भी मानसून की चाल में कुछ बदलाव महसूस किए जा रहे हैं, जिसका असर मई की बारिश पर सीधा पड़ेगा।
चौंकाने वाले हैं बारिश के आंकड़े
आमतौर पर मई के महीने में देश में औसत बारिश 61.4 मिलीमीटर होती है। लेकिन इस बार अनुमान है कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर बाकी पूरे देश में सामान्य से 110 फीसदी तक अधिक बारिश हो सकती है। यह आंकड़ा 1971 से 2020 तक के वर्षा रिकॉर्ड के आधार पर तैयार किया गया है।
मध्य प्रदेश के लिए क्या है भविष्यवाणी?
मध्य प्रदेश के संदर्भ में मई महीने का पूर्वानुमान काफी सुकून देने वाला है:
1.प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद है। 3 से 7 मई के बीच तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
2.इस बार मई में ‘हीट वेव’ यानी लू चलने की स्थिति बहुत कम या सामान्य रहने की संभावना है।
3.कुछ अपवादों को छोड़ दें तो पूरे प्रदेश में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश के आसार हैं।

मौसम विभाग की मानें तो 2 मई को तापमान में थोड़ी बढ़ोत्तरी जरूर देखी जा सकती है, लेकिन उसके तुरंत बाद यानी 3 मई से मौसम पलटी मारेगा। 7 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में ठंडी हवाओं और बारिश के कारण मौसम सुहाना बना रहेगा।
कुल मिलाकर, इस बार मई की तपिश वैसी नहीं होगी जैसी हर साल होती है। अगर आप कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम आपके साथ है!