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9 जुलाई 2026:
देश दुनिया:

दुनिया के दो बड़े देशों के बीच बढ़ता तनाव और असर आपकी जेब पर !
सवाल है- क्या हजारों किलोमीटर दूर चल रही यह टक्कर भारत में पेट्रोल-डीजल और महंगाई बढ़ा सकती है ।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब सिर्फ सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रह गया है‌  इसका असर पूरी दुनिया के तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है। सीजफायर कमजोर पड़ने और ईरान पर फिर से सख्त प्रतिबंध लगने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई है। अब एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह तनाव लंबे समय तक जारी रहा, तो भारत में भी महंगाई बढ़ सकती है । दरअसल, अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने पर मिली अस्थायी छूट खत्म कर दी है।  इसके साथ ही ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई भी की गई। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल और एलएनजी टैंकरों पर हुए हमलों ने दुनिया भर में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।‌इसी वजह से ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 6 प्रतिशत बढ़कर लगभग अठहत्तर डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है।‌ वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी चौहत्तर डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बार भारत पहले की तुलना में ज्यादा तैयार है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत अब सिर्फ मध्य पूर्व के देशों पर निर्भर नहीं है। देश अमेरिका, रूस और वेनेजुएला जैसे देशों से भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है।  इसलिए सप्लाई रुकने का बड़ा खतरा फिलहाल नहीं माना जा रहा‌ इसके अलावा सऊदी अरब ने एशियाई देशों के लिए तेल की कीमतों में बड़ी कटौती की है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन चिंता अभी भी बनी हुई है।  जानकारों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ा, तो भारत का क्रूड ऑयल आयात पचहत्तर  डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकता है।  फिलहाल यह करीब अड़सठ डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही अभी भी सामान्य स्तर से काफी कम है।  अगर यही स्थिति बनी रही, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ेगा।

क्या भारत में भी पड़ेगा इसका असर:
कच्चा तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ेगा, तेल कंपनियों का खर्च बढ़ेगा और रुपये पर भी दबाव आ सकता है।  इसके कारण महंगाई बढ़ने की आशंका है‌ कि इतना ही नहीं, एलएनजी की कीमतें बढ़ने से गैस और ईंधन भी महंगे हो सकते हैं। बीते दिनों भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं।  आखिरी बार 25 मई को दाम बढ़े थे। इसके बाद से दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। यानी फिलहाल भारत में तेल की कमी का खतरा नहीं है, लेकिन अगर पश्चिम एशिया का तनाव नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में इसका असर आम आदमी की जेब पर जरूर पड़ सकता है।


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