16 अप्रैल 2026:
महाराष्ट्र नासिक:
महाराष्ट्र का नासिक का टीसीएस कंपनी में धर्मांतरण और महिलाओं के उत्पीड़न के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कंपनियां भविष्य में केवल हिंदुओं को नौकरी देने की नीति अपनाए। जिससे ऐसी जिहादी गतिविधियां रोकी जा सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हम समाज को बांटने की कोशिश नहीं कर रहे हैं बल्कि हम जमीनी अनुभवों को देखते हुए इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
उन्होंने कहा इन्हें हर जगह जिहाद ही करना है और केवल हिंदुओं को ही टारगेट करना है । जेहाद ही इनका मुख्य उद्देश्य है। लैंड जिहाद, लव जिहाद ,हलाल जिहाद और अब इन्होंने कॉर्पोरेट जिहाद भी शुरू कर दिया। यदि हिंदुओं को ही सिर्फ नौकरी पर रखा जाए तो ऐसा करने से हिंदू राष्ट्र भी मजबूत होगा।
बीजेपी के फायर ब्रांड नेता नितेश राणे ने नासिक केस को कॉर्पोरेट जिहाद बताया है। और इस तरह की जेहादी गतिविधियों को रोकने के लिए चेतावनी देते हुए कहा है कि नौकरियों में सिर्फ हिंदू उम्मीदवारों को ही प्राथमिकता दिया जाए।
कंपनी में धर्मांतरण का खेल:
महाराष्ट्र के नासिक में स्थित टीसीएस की कंपनी में एक बीपीओ यूनिट में धर्मांतरण का प्रयास और यौन उत्पीड़न के खुलासे के बाद से पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ हैं।
पुलिस ने इस मामले में टीसीएस कंपनी के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है इसमें से सात पुरुष और एक महिला शामिल है एक अन्य महिला कर्मचारी जो फरार बताई गई है।
नितेश राणे का बयान- जवाब देने का समय आ गया:
नितेश राणे ने नौकरी में इस धर्मांतरण के खुलासे के बाद चेतावनी देते हुए कहा है यदि व्यापार से लेकर कारपोरेट ऑफिस तक हर जगह हिंदुओं को ही टारगेट किया जा रहा है तो अब उन्हें जवाब देने का समय आ चुका है। इस तरह की गतिविधियां बढ़ती जा रही है। नितेश राणे ने ऐसी बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि आर्थिक लेनदेन और रोजगार हिंदू समुदाय सिर्फ अपने ही लोगों के साथ करें।
नासिक टीसीएस का मामला कैसे आया सामने:
आपको बता दें कि नासिक की टीसीएस कंपनी में पुलिस को फरवरी 2026 में यौन उत्पीड़न के गुप्त सूचनाएं मिली थी। इसके बाद 6 महिला पुलिस अधिकारियों ने करीब 40 दिन तक इस कंपनी में हाउसकीपिंग और अन्य स्टाफ बनकर काम किया और सबूत जुटाये।
26 मार्च 2026 को इन गतिविधियों को देखते हुए औपचारिक रूप से पहले शिकायत दर्ज की गई । जिसके बाद अन्य पीड़िताएं भी धीरे-धीरे सामने आने लगी। 13 अप्रैल 2026 को पुलिस ने आरोपियों की पहचान की । जिसमें से मुख्य संदिग्ध आरोपी तौसीफ अत्तार और निदा खान की पहचान की गई। जिसे टीसीएस ने निलंबित कर दिया। 14 और 15 अप्रैल को पुलिस ने एक SIT का गठन किया जो ईमेल चैट और POSH नियमों का जांच कर रही है । जिसमें ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चेनानी को गिरफ्तार करके 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया। 16 अप्रैल को टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखर ने यह घोषणा की कि टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में आंतरिक गहन की जांच चल रही है।


Leave a Reply