केशव प्रसाद मौर्या के कार्यक्रम में बत्ती गुल,अधिकारियों की लग गई क्लास

khabar pradhan

संवाददाता

10 January 2026

अपडेटेड: 12:41 PM 0thGMT+0530

केशव प्रसाद मौर्या के कार्यक्रम में बत्ती गुल,अधिकारियों की लग गई क्लास



उप्र में ताजनगरी आगरा  के पास फतेहाबाद में  डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के संबोधन के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। यहां ग्राम जन चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या मंच पर भाषण दे रहे थे तभी लाइट चली गई और डिप्टी सीएम को बीच में ही अपना संबोधन रोकना पड़ा।

कार्यक्रम में बन गया अफरा-तफरी का माहौल

लाइट जाने के बाद पूरे कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करीब 15 से 20 मिनट तक बिजली आपूर्ति ठप रही और जनरेटर में डीजल न होने जैसी लापरवाही ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी। हालात इतने बिगड़े कि उपमुख्यमंत्री मौर्या को खुद अधिकारियों से जवाब तलब करना पड़ा और मंच से ही कार्रवाई के निर्देश देने पड़े। इस घटना के बाद कार्यक्रम में मौजूद भीड़ भी असहज हो गई और कई लोग जाने लगे, जिससे प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं को बिगड़े हालात को सामान्य करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी ।


जनरेटर से डीजल भी गायब

फतेहाबाद के सती मंदिर परिसर में आयोजित ग्राम जन चौपाल कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था के कारण मौर्या भारी नाराज हुए । उनके स्वागत के बाद जैसे ही डिप्टी सीएम ने बोलना शुरू किया, पांच मिनट बाद ही अचानक बिजली चली गई। डिप्टी सीएम ने जब अधिकारियों से इसकी वजह पूछी तो पार्टी पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारी एक दूसरे का मुंह ताकने लगे। इसके बाद सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और जिलाधिकारी सभी जनरेटर रूम की ओर भागते दिखे। जांच में पता चला कि जनरेटर में डीजल नहीं था। ऐसे में टेंट हाउस मालिक की मुश्किलें बढ़ गईं। आनन-फानन में कर्मचारियों को डीजल लाने के लिए भेजा गया। करीब पंद्रह से बीस मिनट बाद लाइट आ गई उसके बाद मौर्या ने मंच से ही लापरवाही को लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

जीरामजी एक्ट को बताया ऐतिहासिक कदम

लंबे समय तक इंतजार के चलते कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग कुर्सियों से उठकर जाने लगे। हालांकि, बीजेपी कार्यकर्ताओं और खुद उपमुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर और इशारे से लोगों को रोकने की कोशिश की। तब कुछ लोग बैठे कुछ वापस चले गये लेकिन इसी बीच अपने संबोधन में केशव प्रसाद मौर्या ने जीरामजी एक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ये नया कानून बनाया गया है और आने वाले समय में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट गांव भी विकसित किये जायेंगे। इस बिल को उन्होंने एक बड़ा ऐतिहासिक कदम बताया और एसआईआऱ को लेकर पूछे गये सवालों पर उन्होंने कहा नाम नहीं काटे गए हैं, बल्कि जोड़ने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। अगर किसी का नाम छूट गया है तो परेशान होने की बात नहीं है बल्कि फॉर्म-6 भरकर अपना नाम लिस्ट में जुड़वा सकता है।

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