29 अप्रैल 2026
भोपाल:

मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी का काम जारी है, लेकिन तकनीक और मौसम की दोहरी मार ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को उपार्जन केंद्रों पर सर्वर डाउन होने की वजह से खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ गई। आलम यह रहा कि किसान भीषण गर्मी में अपनी उपज लेकर खड़े रहे, लेकिन न तो उनके बिल बन सके और न ही नए स्लॉट बुक हो पाए।
सर्वर ठप होने से मची अफरा-तफरी
जिले के 92 उपार्जन केंद्रों पर मंगलवार को सर्वर में तकनीकी खराबी आ गई। इसके कारण किसान पोर्टल पर लॉग-इन नहीं कर पा रहे थे। जो किसान पहले से स्लॉट बुक करके अपनी फसल लेकर केंद्रों पर पहुंचे थे, उनके बिल जेनरेट नहीं हो पाए। वहीं, जो किसान अगले दिनों के लिए स्लॉट बुक करना चाहते थे, उन्हें भी निराश होना पड़ा।

भीषण गर्मी में परेशान होते रहे किसान
एक तरफ सर्वर की समस्या और दूसरी तरफ आसमान से बरसती आग ने किसानों का इम्तिहान लिया। केंद्रों पर छाया और पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण किसान दिनभर परेशान होते रहे। बैरसिया और आसपास के केंद्रों से आई खबरों के मुताबिक, किसान शाम तक इस उम्मीद में डटे रहे कि शायद सर्वर ठीक हो जाए और उनका काम बन सके।

खाद्य विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
सर्वर की खराबी और किसानों की बढ़ती नाराजगी की सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीमें सक्रिय हुईं। अधिकारियों ने उपार्जन केंद्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और किसानों से चर्चा की।
जिला आपूर्ति नियंत्रक ने भरोसा दिलाया है कि सर्वर की समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए तकनीकी टीम काम कर रही है।
किसानों को आश्वासन दिया गया है कि जिन लोगों के स्लॉट बुक नहीं हो पाए हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
जिले में अब तक की खरीदी का गणित
तकनीकी दिक्कतों के बावजूद जिले में गेहूँ खरीदी का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। अब तक के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
लक्ष्य: इस बार जिले में 3.58 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक की खरीदी: लगभग 16,771 किसानों से 83,535 मीट्रिक टन गेहूँ खरीदा जा चुका है।
पंजीकरण: करीब 37,407 किसानों ने उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है।
भुगतान: अब तक किसानों को करीब 119 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, जबकि कुल खरीदी की कीमत लगभग 220 करोड़ रुपये आंकी गई है।
चना और मसूर की खरीदी भी जारी
गेहूँ के साथ-साथ सरकार ने चना और मसूर के किसानों को भी राहत दी है। सूत्रों के मुताबिक, चना-मसूर की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जा रही है और प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि इन फसलों के उपार्जन में भी किसानों को किसी प्रकार की समस्या न आने दी जाए।
अधिकारियों का कहना है कि बुधवार सुबह तक सर्वर की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, जिसके बाद खरीदी प्रक्रिया फिर से सामान्य रूप से शुरू हो सकेगी।