19 अप्रैल 2026

नई दिल्ली:
केंद्र सरकार ने देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को एक बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की मासिक पेंशन में सीधा इजाफा होगा। यह नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी, जिसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर भी दिया जाएगा।
किसे और कितना होगा फायदा
सरकार के इस कदम से करीब 50.5 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.3 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर 1 करोड़ से भी ज्यादा परिवारों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी। इस 2 प्रतिशत की वृद्धि के बाद अब कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह कदम मध्यम वर्गीय परिवारों को थोड़ी राहत देने की एक कोशिश है।
सरकारी खजाने पर पड़ेगा बोझ
भले ही यह खबर कर्मचारियों के लिए खुशी लेकर आई है, लेकिन इससे सरकारी खजाने पर बड़ा वित्तीय भार पड़ेगा। अनुमान के मुताबिक, इस बढ़ोतरी की वजह से सरकार को हर साल लगभग 6,791 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना होगा। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों को महंगाई के प्रभाव से बचाने के लिए यह एक जरूरी अंतरिम राहत है।
8वें वेतन आयोग की चर्चा हुई तेज
महंगाई भत्ते में इस बढ़ोतरी के साथ ही अब 8वें वेतन आयोग को लेकर भी मांग तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने का प्रस्ताव रखा है। अगर यह प्रस्ताव मान लिया जाता है, तो न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 69,000 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, अभी सरकार की ओर से इस पर कोई अंतिम मुहर नहीं लगी है।
कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले को लेकर कर्मचारियों में थोड़ा असंतोष भी देखने को मिल रहा है। कई संगठनों का कहना है कि 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी महंगाई के मुकाबले बहुत कम है। देरी से की गई इस घोषणा के विरोध में कुछ संगठनों ने 16 अप्रैल को प्रदर्शन करने की योजना भी बनाई थी। कर्मचारियों की मांग है कि वेतन संरचना में जल्द ही कोई बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया जाए ताकि उन्हें लंबे समय के लिए राहत मिल सके।