18 जुलाई 2026:
नई दिल्ली:
देश में जल्द ही कागज के नोटों की जगह प्लास्टिक के नोट चलन में आने वाले है। भारतीय रिजर्व बैंक  (आरबीआइ)  ने देश के करेंसी सिस्टम में बड़ा बदलाव की  इसकी तैयारी में है। आरबीआइ की नोट मुद्रण शाखा ने पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट्स (प्लास्टिक नोट बनाने वाले बेस मटीरियल) के लिए शुक्रवार को ग्लोबल टेंडर जारी किया है। इसके अनुसार 18 अगस्त तक प्रस्ताव मांगे गए हैं। जानकारी के अनुसार
इन्हें शुरुआत में 10 और 20 रुपए के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। उसकी सफलता का आंकलन कर बाद में बड़े नोट जारी किए जाएंगे। यह काम तेजी से होगा और माना जा रहा है कि प्लास्टिक नोटों का पूरी तरह चलन अगले साल से हो सकता हैं ।

प्लास्टिक नोटों के चलन से क्या है  फायदा:

इनमें नए एडवांस सुरक्षा फीचर्स शामिल होंगे।  इससे नकली नोटों पर लगाम लगाई जा सकेगी । ये प्लास्टिक करेंसी पेपर करेंसी के मुकाबले साफ होंगे और इनकी उम्र भी ज्यादा होगी । ये जल्दी कटेंगे फटेंगे नहीं और लंबे समय में लागत कम आएगी । ये पानी में भी खराब नहीं होंगे।

बंद नहीं होंगे कागजी नोट:

जानकारी के अनुसार RBI प्लास्टिक नोट जारी करने के बाद चरणबद्ध रूप से कागज के नोटों को चलन से वापस लेता रहेगा। कागज के जो नोट चलन में रहेंगे वह बंद नहीं होंगे यानी वैध  बने रहेंगे।

करीब 60 देशों में चलन में हैं प्लास्टिक के नोटः प्लास्टिक के नोटों की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से हुई । इसके  बाद दुनिया के करीब 60 देशों में प्लास्टिक नोट चलन में हैं। इनमें कनाडा, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, मलेशिया थाईलैंड रोमानिया और बुनेई जैसे देश में भी प्लास्टिक के नोट चलन में है।

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