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20 मई 2026 :
खबर प्रधान डेस्क:

मध्य प्रदेश/ भोपाल/

मध्य प्रदेश में 1 से 15 जून तक तबादलों का रास्ता खुला:
मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट ने तबादलों में लगा हुआ बैन हटा दिया है।  अब नई तबादला नीति 2026 को मंजूरी मिलने के बाद 1 से 15 जून तक तबादले हो सकेंगे ।
इस तबादला नीति में मध्य प्रदेश की न्यायिक सेवा ,राज्य प्रशासनिक सेवा राज्य पुलिस सेवा ,राज्य वन सेवा और मध्य प्रदेश के मंत्रालय पर यह  नीति लागू नहीं होगी।
इस तबादला नीति के अंतर्गत किस विभाग में कितने प्रतिशत तबादले होंगे और किसे प्राथमिकता दी जाएगी:
इसके लिए हर विभाग अपनी आवश्यकताओं के संबंध में अलग-अलग नीति निर्धारित कर सकेंगे।
जिसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग से परामर्श के द्वारा मुख्यमंत्री के संबंध में अनुमोदिन कर मंजूरी ले सकते हैं। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग अपनी अलग नीति ला सकता है।
तृतीय और चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी के तबादले हेतु:
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का जिले के अंदर ही तबादले का अधिकार जिला कलेक्टर ,प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से हो सकेगा।
प्रथम और द्वितीय और तृतीय श्रेणी के अधिकारियों कर्मचारियों का तबादला राज्य के अंदर भारसाधक मंत्री के अनुमोदन से प्रशासनिक विभाग करेगा।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का तबादला विभागाध्यक्ष भारसाधक मंत्री के अनुमोदन से हो सकेगा।
गृह विभाग में उप पुलिस अधीक्षक के अधीष्ठ अधिकारी कर्मचारियों का तबादला गृह विभाग के आदेश के अनुसार ,गठित पुलिस स्थापना बोर्ड द्वारा जिले के भीतर पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से हो सकेगा।

आईए जानें इस तबादला नीति में किसे प्राथमिकता दी जाएगी:
गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को प्रथम दृष्टया  प्राथमिकता दी जाएगी।
पति और पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थापना के मामले को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा न्यायालय के आदेश, गंभीर शिकायतें ,अनुशासनात्मक कार्रवाई ,लोकायुक्त ,आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में भी ट्रांसफर किए जा सकेंगे।
त्यागपत्र ,सेवानिवृत्ति या निलंबन से खाली हुए पदों को भरने के लिए भी ट्रांसफर किया जा सकते हैं।

कैबिनेट फ़ैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री  चैतन्य कश्यप ने बताया कि विभाग में 200 कर्मचारियों की संख्या पर अधिकतम 20% तबादले होंगे। 1000 की संख्या पर 15%, 2000 की संख्या पर 10% और 2000 से ज्यादा होने पर पांच प्रतिशत तबादले किए जाएंगे । इस नई ट्रांसफर नीति में पारदर्शिता रखी जाएगी और ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर दिया जाएगा।

सेवानिवृत्त के करीब कर्मचारियों को राहत दी जाएगी:
इस तबादला नीति में जिन अधिकारियों या कर्मचारी की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे भी कम समय बचा है,सामान्य तौर पर उनका तबादला नहीं किया जाएगा।  किंतु यदि गंभीर बीमारियों कैंसर,हार्ट, लीवर ,किडनी खराब जैसी गंभीर बीमारियों के मामले में मेडिकल बोर्ड के अनुशंसा पर तबादले किए जा सकते हैं।
राजस्व विभाग के लिए किए गए विशेष प्रावधान:
राजस्व विभाग के अंतर्गत जैसे डिप्टी कलेक्टर ,संयुक्त कलेक्टर ,तहसीलदार ,नायब तहसीलदार के अनुभाग परिवर्तन और पदस्थापना प्रभारी मंत्री के परामर्श से किए जाएंगे।


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