22 अप्रैल 2026
भोपाल:
चश्मे बेचने वाली मशहूर कंपनी ‘लेंसकार्ट’ (Lenskart) इन दिनों विवादों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर कंपनी की कथित ‘ग्रूमिंग पॉलिसी’ को लेकर मचे बवाल के बाद अब यह विरोध सड़कों पर उतर आया है। भोपाल के न्यू मार्केट स्थित लेंसकार्ट शोरूम पर हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित स्क्रीनशॉट से हुई। दावा किया जा रहा है कि लेंसकार्ट की ‘ग्रूमिंग गाइड’ में कर्मचारियों के तिलक लगाने, बिंदी लगाने और कलावा पहनने पर पाबंदी की बात कही गई है। जैसे ही यह जानकारी इंटरनेट पर फैली, लोगों ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए कंपनी को घेरना शुरू कर दिया।
भोपाल में अनोखा विरोध प्रदर्शन
मंगलवार को हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता न्यू मार्केट स्थित शोरूम पर जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने शोरूम के बाहर जमकर हंगामा किया और बाद में एक अनोखा तरीका अपनाते हुए शोरूम के कर्मचारियों को तिलक लगाया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि धर्म और संस्कृति का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हिंदू संगठनों की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि तिलक, बिंदी और कलावा भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। हिंदू उत्सव समिति ने चेतावनी दी है कि:
अगर कंपनी ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो उसके उत्पादों का देशभर में बहिष्कार किया जाएगा।
कंपनी को अपनी इस ‘एंटी-हिंदू’ नीति के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
किसी भी कर्मचारी को उसकी धार्मिक पहचान जाहिर करने से रोकना गलत है।
कंपनी और सीईओ की सफाई
विवाद बढ़ता देख लेंसकार्ट के सीईओ पीयूष बंसल ने इस पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट फर्जी है और कंपनी सभी धर्मों व आस्थाओं का पूरा सम्मान करती है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महज सोशल मीडिया पोस्ट से काम नहीं चलेगा, कंपनी को लिखित में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
सोशल मीडिया पर ‘बॉयकाट लेंसकार्ट’ का ट्रेंड
इस विरोध प्रदर्शन का असर डिजिटल दुनिया में भी दिख रहा है। ट्विटर (X) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर कई इन्फ्लुएंसर्स और आम लोग हैशटैग के साथ लेंसकार्ट के बहिष्कार की अपील कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक कंपनी ठोस कदम नहीं उठाती, वे वहां से खरीदारी नहीं करेंगे।


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