2 मई 2026

सारणी:
मध्य प्रदेश के सारणी स्थित प्रसिद्ध बाबा मठारदेव मंदिर की पहाड़ियों पर भीषण आग ने तांडव मचा रखा है। कई दिनों से सुलग रही इस आग ने वन संपदा को भारी नुकसान पहुँचाया है। लेकिन इस गंभीर स्थिति के बीच दो चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं—एक तरफ जहाँ लोग इस जलते मंजर के साथ सेल्फी लेने में मशगूल हैं, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की चुप्पी और सुस्ती ने स्थानीय लोगों को नाराज कर दिया है।
आसमान छूती लपटें और सेल्फी का क्रेज
पहाड़ियों पर लगी आग इतनी भीषण है कि इसकी लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा है। जंगल में लगी इस आग से न केवल कीमती पेड़-पौधे जलकर खाक हो रहे हैं, बल्कि वन्यजीवों के जीवन पर भी भारी संकट मंडरा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि इस भयानक मंजर को देखने के लिए सड़क पर राहगीरों और सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। लोग इस विनाशकारी आग को ‘बैकग्राउंड’ बनाकर सेल्फी और फोटो खींचने में व्यस्त हैं। जानकारों का कहना है कि यह कोई प्रदर्शन या पिकनिक नहीं है, बल्कि एक प्राकृतिक धरोहर का खत्म होना है, जिसकी गंभीरता को लोग नहीं समझ रहे हैं।
वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि विभाग पूरी तरह ‘निश्क्रिय’ बना हुआ है।
जब हर साल गर्मी के दिनों में आग लगने की आशंका रहती है, तो पहले से सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
आग लगने के बाद भी अधिकारियों की सक्रियता नजर नहीं आई, जिससे आग लगातार फैलती गई।
पहाड़ियों पर निगरानी और आग बुझाने के आधुनिक संसाधनों की कमी साफ दिखाई दे रही है।
प्राकृतिक धरोहर को अपूरणीय क्षति
सारणी की पहचान यहाँ की हरियाली और सुंदर पहाड़ियाँ हैं। यदि इसी तरह लापरवाही जारी रही, तो यह प्राकृतिक विरासत पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। आग से न केवल वातावरण में प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को भी गहरा नुकसान पहुँच रहा है।
अब जरूरत है कि वन विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाए और समय रहते प्रभावी कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन को भी उन लोगों पर सख्ती बरतनी चाहिए जो अपनी जान जोखिम में डालकर आग के करीब सेल्फी लेने पहुँच रहे हैं।