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भोपाल शहर में शुरू हुई मेट्रो ट्रेन पर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं। ट्रेन के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कमर्शियल रन शुरू हो चुका है, लेकिन इसमें पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। इसे वजह से मेट्रो प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार परेशान है। संचालन का समय कम किया , स्टाफ में भी कटौती की गई। अब केंद्र ने भी इस पर जवाब मांगा है।

मेट्रो कॉरपोरेशन ने जवाब  में बताया कि ऑनगोइंग प्रोजेक्ट के पूरा होने पर यात्री संख्या बढ़ने की संभावना है। दिसंबर में मेट्रो को रोजाना 2500 के करीब औसत यात्री मिले। जनवरी में मेट्रो सिर्फ एम्स के मरीजों व उनके परिवारजनों तक ही सीमित रह गयी l जनवरी में यह संख्या गिरकर 438 रह गई l फरवरी में 300 से भी काम रह गई है l

ट्रेन के एक कोच में 300 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। मेट्रो रेल कॉरपोरेशन प्रतिदिन 3000 यात्रियों के हिसाब से संचालन कर रहा है, लेकिन यात्रियों की संख्या 40 फीसदी से भी कम है । एमडी मेट्रो रेल चैतन्य कृष्णा का कहना है कि अभी कमर्शियल रन शुरू ही हुआ है। अभी प्रोजेक्ट की दो लाइनों का काम पूरा होना बाकी है।


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