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लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती….

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल 31 मई 2025 को एक ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल के जंबूरी मैदान में ‘महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन’ को संबोधित करेंगे, जिसमें एक लाख से अधिक महिलाएं हिस्सा लेंगी। इस आयोजन की सबसे अनोखी बात यह है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में होगी। मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। आइए, इस आयोजन और इसकी तैयारियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

भोपाल में ऐतिहासिक सम्मेलन:
महिला सशक्तिकरण का उत्सव

31 मई को भोपाल का जंबूरी मैदान एक लाख से अधिक महिलाओं की मौजूदगी से गूंजेगा, जो लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन’ में शामिल होंगी। यह आयोजन न केवल अहिल्याबाई के योगदान को याद करने का अवसर है, बल्कि महिलाओं की ताकत और उनके नेतृत्व को सेलिब्रेट करने का भी मंच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर स्व-सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को संबोधित करेंगे और उनकी प्रेरणादायक कहानियों को देश के सामने लाएंगे।

महिलाओं के हाथ में सुरक्षा की बागडोर

इस आयोजन की सबसे खास बात है सुरक्षा व्यवस्था, जो पूरी तरह से महिला पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों के जिम्मे होगी। मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मेगा इवेंट के लिए 2,000 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी स्वयंसेवक के रूप में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देंगी। यह कदम न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व करने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अनोखी पहल की सराहना करते हुए कहा, “यह आयोजन नारी शक्ति का प्रतीक होगा, जहां महिलाएं न केवल भागीदार होंगी, बल्कि सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।”

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर: प्रेरणा की मिसाल

अहिल्याबाई होलकर, जिन्हें लोकमाता के रूप में जाना जाता है, 18वीं सदी में मालवा साम्राज्य की शासक थीं। उन्होंने न केवल अपने कुशल प्रशासन से इतिहास में अपनी जगह बनाई, बल्कि सामाजिक सुधार, धर्म, और शिक्षा के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व योगदान दिया। उनकी 300वीं जयंती को मध्य प्रदेश सरकार एक साल तक विभिन्न आयोजनों के साथ मना रही है, और यह महासम्मेलन उसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर PM मोदी अहिल्याबाई के जीवन और उनके कार्यों को याद करते हुए महिलाओं को उनके नक्शेकदम पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे।

सुरक्षा की पुख्ता तैयारी: कोई कमी नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए समत्व भवन में एक हाई-लेवल मीटिंग की, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को उत्तम प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश दिए। सुरक्षा के लिए निम्नलिखित इंतजाम किए गए हैं:

महिला पुलिस बल:
2,000 से अधिक महिला पुलिसकर्मी तैनात, जो ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा जांच में शामिल होंगी।

सीसीटीवी और ड्रोन:
जंबूरी मैदान और आसपास के क्षेत्रों में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

मेडिकल सुविधाएं:
आपातकालीन स्थिति के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और अस्पतालों में विशेष व्यवस्था।

स्वयंसेवक:
स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और स्थानीय स्वयंसेवक आयोजन को सुचारू बनाने में मदद करेंगे।

पार्किंग और ट्रैफिक:
भोपाल में बड़े पैमाने पर पार्किंग की व्यवस्था और ट्रैफिक रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है।

इंदौर मेट्रो को हरी झंडी: एक और तोहफा

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण का उद्घाटन भी कर सकते हैं। यह मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ा तोहफा होगा, जो न केवल इंदौर की कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देगा। इस खबर ने स्थानीय लोगों में उत्साह बढ़ा दिया है, और तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

महिला सशक्तिकरण पर जोर: PM मोदी का विजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा महिला सशक्तिकरण को अपनी नीतियों का केंद्र बनाया है। इस आयोजन में वह स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के योगदान को रेखांकित करेंगे, जो ग्रामीण भारत में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का आधार बन रही हैं। मध्य प्रदेश में लाखों महिलाएं SHGs के जरिए आत्मनिर्भर बनी हैं, और यह सम्मेलन उनकी सफलता को देश के सामने लाने का एक मंच होगा। BJP प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, “PM मोदी का यह दौरा मध्य प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि यह नारी शक्ति और अहिल्याबाई के आदर्शों का संगम होगा।”

भोपाल तैयार, उत्साह चरम पर

भोपाल में इस आयोजन को लेकर उत्साह चरम पर है। जंबूरी मैदान को भव्य रूप से सजाया जा रहा है, और स्थानीय प्रशासन ने इसे एक यादगार इवेंट बनाने के लिए सभी संसाधन झोंक दिए हैं। आयोजन स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर आधारित प्रदर्शनियां, और स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की स्टॉल्स भी लगाई जाएंगी। यह आयोजन न केवल एक सभा होगा, बल्कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और सामाजिक समृद्धि का उत्सव भी होगा।


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