22 अप्रैल 2026

भोपाल
मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य को अपनी पहली महिला पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी मिल सकती है। इस पद के लिए सीनियर आईपीएस अधिकारी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम काफी चर्चा में है। खबरों की मानें तो साल 2027 में वह इस जिम्मेदारी को संभाल सकती हैं। फिलहाल उनकी फाइल भोपाल से दिल्ली तक के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

क्यों हो रही है बदलाव की तैयारी
मौजूदा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा इसी साल 31 दिसंबर को रिटायर होने जा रहे हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद इस खाली होने वाले बड़े पद को भरने के लिए सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने नए डीजीपी के चयन के लिए कुछ नामों की एक लिस्ट तैयार की है, जिसमें प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम प्रमुखता से शामिल है।

प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम इस रेस में आगे आने की एक बड़ी वजह हाल ही में पास हुआ नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) भी माना जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की मंशा है कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाए। अगर प्रज्ञा ऋचा को प्रदेश की कमान मिलती है, तो यह न केवल प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगा, बल्कि विपक्ष को भी एक कड़ा संदेश देगा कि सरकार महिलाओं को महत्वपूर्ण और निर्णय लेने वाले पदों पर बिठाने के लिए गंभीर है।

कौन-कौन हैं रेस में शामिल
डीजीपी पद की इस दौड़ में 1991 और 1992 बैच के कई दिग्गज अधिकारी शामिल हैं। गृह विभाग ने जो नामों की लिस्ट शॉर्टलिस्ट की है, उसमें मुख्य रूप से ये नाम हैं
प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव (एडिशनल डीजी, होमगार्ड)
उपेंद्र जैन (डीजी ईओडब्ल्यू)
वरुण कपूर (डीजी जेल)
आदर्श कटियार
इनमें से प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के पास सर्विस के करीब 16 महीने बाकी हैं, जो उनके पक्ष में जाता है। वहीं उपेंद्र जैन भी इस पद के लिए एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति में अब केवल 10 महीने ही बचे हैं। 1992 बैच के आदर्श कटियार का नाम भी लिस्ट में है, लेकिन उनके पास कार्यकाल का समय थोड़ा कम है।


नियमों के अनुसार, राज्य सरकार तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का पैनल दिल्ली भेजेगी। यह पैनल दिसंबर के पहले हफ्ते तक दिल्ली भेजा जा सकता है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही तय होगा कि मध्य प्रदेश का अगला पुलिस मुखिया कौन होगा। अगर प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम पर मुहर लगती है, तो वह मध्य प्रदेश की पहली महिला डीजीपी बनकर एक नया इतिहास रच देंगी।