‌ 22 अगस्त 2026:
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है।  यह 23 अगस्त रविवार को पड़ रही है।
एकादशी तिथि रविवार 23 अगस्त को रात से ही प्रारंभ हो रही है।  यह रात को 2:01 से 24 अगस्त सुबह 4:19 तक रहेगी।
उदया तिथि के अनुसार 23 अगस्त रविवार को एकादशी का व्रत किया जाएगा।
पुत्रदा एकादशी वर्ष में दो बार आती है । पहले पुत्रदा एकादशी पौष माह में और दूसरी सावन मास में आती है।
दोनों एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है।
पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान सुख के लिए विशेष माना जाता है।  इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विधि विधान से करने से मनोकामना पूर्ण होती है।
पुत्रदा एकादशी का पूजन कैसे करें:
इस दिन सुबह स्नानादि से निवृत हो व्रत का संकल्प ले।
इस दिन भगवान विष्णु या श्री कृष्ण का पूजन किया जाता है। जिन दंपति को संतान की चाह होती है, उन्हें  यह व्रत किया जाता है। एक चौकी पर भगवान विष्णु या श्री कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर को विराजित करें । भगवान को फल, फूल ,धूप, दीप, मिठाई ,चंदन, उनकी प्रिय चीज  अर्पित करें। पुत्रदा एकादशी की कथा सुनें  और मंत्रों से भगवान का जाप करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान सुख, संतान की खुशहाली और संतान की सुख शांति की कामना हेतु किया जाता है।
व्रत का पारण अगले दिन 24 तारीख को करें।

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